
Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में 15 दिवसीय विशेष सोशल मोबिलाइजेशन अभियान शुरू किया है। उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश की पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ना है। इसके लिए सभी जनपदों को लक्ष्य आवंटित कर अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है।
3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रदेश की 3 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और वित्तीय सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम हैं।
इन महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
अभियान के तहत निम्न श्रेणी की पात्र महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी—
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं पात्र गृहस्थी योजना के ग्रामीण राशन कार्डधारक परिवार
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी
- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी
- विधवा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं
- जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) से जुड़े परिवारों की महिलाएं
ग्राम पंचायत स्तर तक चलेगा अभियान
अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर रैली, जनसंवाद, गोष्ठी, घर-घर संपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। समूह सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी, आईसीआरपी, ग्राम संगठन और बैंक सखियां अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
सखी एप पर होगा तत्काल पंजीकरण
निर्देश दिए गए हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने वाले प्रत्येक पात्र परिवार का विवरण तत्काल सखी एप पर दर्ज किया जाए। पहले से जुड़े लेकिन एप पर दर्ज न हो सके परिवारों का भी सत्यापन कर पंजीकरण कराया जाएगा।
बैंक खाते और स्टार्टअप सहायता पर भी फोकस
नवगठित स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते शीघ्र खुलवाने, बैंक सखियों को लक्ष्य देने तथा जिन ग्राम संगठनों एवं क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को स्टार्टअप सहायता नहीं मिली है, उनके मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा।
रोज होगी समीक्षा
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को अभियान की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक सात दिन में प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी और मिशन मुख्यालय को भेजी जाएगी। अभियान की निगरानी मिशन मुख्यालय की टीम भी करेगी।