
Hapur News :- श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर हापुड़ पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्तों की सुरक्षित एवं सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिले में करीब 300 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने 56 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। अधिकारियों के अनुसार यात्रा के दौरान 20 से 25 लाख कांवड़ियों के जिले से होकर गुजरने का अनुमान है।
पुलिस के अनुसार संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, पीएसी, सिविल डिफेंस तथा स्वयंसेवकों की संयुक्त तैनाती की गई है। प्रमुख मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण चौराहों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर 60 मंदिर, 69 मस्जिद, 99 होटल, 150 शराब एवं बीयर की दुकानें तथा 237 मीट-मांस की दुकानें स्थित हैं। यात्रा के दौरान शासन के निर्देशों के अनुरूप शराब एवं मांस की दुकानों के संचालन को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं लागू कराई जाएंगी। साथ ही धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम की सहायता ली जाएगी। इसके अलावा बीट पुलिस, चौकीदारों और स्थानीय स्वयंसेवकों को भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस ने पिछले वर्षों के कांवड़ यात्रा के अनुभवों और रिकॉर्ड का विश्लेषण करते हुए ऐसे व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने की योजना बनाई है, जिनके खिलाफ पूर्व में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने या अफवाह फैलाने के आरोप रहे हैं। सोशल मीडिया की भी लगातार निगरानी की जाएगी और भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पुलिस, पीएसी, सिविल डिफेंस तथा स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।