
मेरठ: अग्रसेन सेवा ट्रस्ट में लंबे समय से चल रहे आंतरिक मतभेदों के बीच ट्रस्ट के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा ने अपने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने संगठन में बढ़ती खींचतान, आपसी मतभेद और पदों की राजनीति को अपने निर्णय का प्रमुख कारण बताया है। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गठित उत्तर प्रदेश की जिला इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने की भी घोषणा की है।
‘पद नहीं, समाज सेवा रही प्राथमिकता’
जारी प्रेस विज्ञप्ति में विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि उनका ट्रस्ट से जुड़ाव किसी पद के कारण नहीं, बल्कि समाज सेवा की भावना से रहा है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संगठन का विस्तार किया गया और नई जिला इकाइयों का गठन कर समाज को जोड़ने का प्रयास किया गया।
खींचतान और पदों की राजनीति से आहत होने की बात कही
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से संगठन का वातावरण ऐसा बन गया है, जहां सेवा और समर्पण की भावना के बजाय आपसी खींचतान और पदों को लेकर राजनीति अधिक दिखाई देने लगी है। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में वह अपने दायित्वों का निर्वहन उसी निष्ठा और आत्मसंतोष के साथ नहीं कर पा रहे थे, जिसकी वह स्वयं से अपेक्षा करते हैं।
इसी कारण उन्होंने स्वेच्छा से अपने दोनों पदों से अलग होने का निर्णय लिया।
जिला इकाइयों को किया भंग
विनीत अग्रवाल शारदा ने अपने त्यागपत्र के साथ यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान जिन जिलों में ट्रस्ट की इकाइयों का गठन उनके नेतृत्व में किया गया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है।
उन्होंने कहा कि अब इन इकाइयों के संबंध में आगे का निर्णय लेने के लिए ट्रस्ट की कार्यकारिणी स्वतंत्र होगी।
‘ट्रस्ट या समाज के प्रति कोई दुर्भावना नहीं’
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में ट्रस्ट, उसके पदाधिकारियों या समाज के प्रति किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं है। भविष्य में भी वह एक साधारण ट्रस्टी और समाजसेवी के रूप में समाज की सेवा करते रहेंगे।
उनके अनुसार समाज सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य है और पद कभी उनका लक्ष्य नहीं रहा।
कार्यकारिणी को सौंपा इस्तीफा
विनीत अग्रवाल शारदा ने बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र ट्रस्ट की कार्यकारिणी को सौंप दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके निर्णय को उनकी व्यक्तिगत भावनाओं, आत्मसम्मान और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के दृष्टिकोण से देखा जाएगा।
साथ ही उन्होंने अग्रसेन सेवा ट्रस्ट की निरंतर प्रगति और समाजहित में उसके सफल कार्यों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।