
हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र से सामने आया एक सनसनीखेज मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी की दूसरी प्रेमिका को रास्ते से हटाने के लिए खौफनाक साजिश रच डाली। हत्या को अंजाम देने में उसने अपनी बेटी, भतीजे और सहेली की भी मदद ली। चारों ने मिलकर महिला का गला दबाकर उसकी जान ले ली और शव को जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने राज़ से पर्दा उठाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
26 अगस्त को जंगल में मिला शव
26 अगस्त की शाम ग्रामीणों ने थाना धौलाना क्षेत्र के नगला उदयरामपुर के जंगल में एक महिला का शव देखा। गले पर रस्सी के गहरे निशान साफ दिखा रहे थे कि उसकी हत्या की गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान सुशीला (निवासी बरौली अतरौली, अलीगढ़) के रूप में हुई। सुशीला गाजियाबाद के सुदामापुरी में अपनी मां और भाई के साथ रहकर घर-घर काम करती थी।
प्रेम त्रिकोण से जुड़ी कहानी
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सुशीला का प्रेम संबंध जेवर जट्टा (गौतमबुद्धनगर) निवासी गौरव से था। गौरव लंबे समय से बुलंदशहर निवासी बबली नामक महिला के साथ रह रहा था। करीब एक साल पहले गौरव की जिंदगी में सुशीला आई, जिससे बबली और सुशीला के बीच कई बार झगड़े भी हुए। धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ा कि बबली ने सुशीला को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया।
बेटी और रिश्तेदार बने साथी
बबली ने हत्या की योजना बनाकर अपनी बेटी सपना, भतीजे विपिन और सहेली सुमन को इसमें शामिल कर लिया। 26 अगस्त को सुशीला को रेलवे क्रॉसिंग के पास बुलाया गया, जहां पिकअप गाड़ी में पहले से आरोपी मौजूद थे। बहाने से उसे गाड़ी में बैठाया गया और जंगल की ओर ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को धौलाना क्षेत्र के जंगल में फेंक दिया गया।
तकनीकी साक्ष्य से सुलझा मामला
एसपी हापुड़ ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने कॉल डिटेल्स, तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। तत्परता से छापेमारी कर बबली, उसकी बेटी सपना, सहेली सुमन और भतीजे विपिन को गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या में इस्तेमाल पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया गया है।
ईर्ष्या और जुनून का अंजाम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग और जलन का नतीजा है। बबली अपने प्रेमी गौरव को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती थी। सुशीला उसके लिए खतरा बन चुकी थी, इसलिए उसने यह कदम उठाया। चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।