
हापुड़। श्री पंचायती गोशाला समिति के चुनावी रण का आगाज़ हो चुका है। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि पूरी होने के साथ ही अब तस्वीर साफ हो गई है। आगामी 14 सितंबर को एसएसवी इंटर कॉलेज में मतदान कराया जाएगा, जिसमें कनिष्ठ उप-प्रधान पद और 22 सदस्यीय पदों के लिए वोटिंग होगी। वहीं समिति के आठ पद पहले ही निर्विरोध भर चुके हैं, जिससे कई प्रमुख पदों के चुनावी समीकरण तय हो गए हैं।
निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारी
चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई पदों पर केवल एक ही नामांकन दाखिल हुआ, जिससे वे प्रत्याशी निर्विरोध विजयी घोषित कर दिए गए। निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी इस प्रकार हैं –
- प्रधान: सुरेश कुमार गुप्ता
- वरिष्ठ उप-प्रधान: राजीव गर्ग
- मंत्री: सचिन गोयल
- वरिष्ठ उपमंत्री: वैभव गुप्ता
- कनिष्ठ मंत्री: विभोर अग्रवाल
- कोषाध्यक्ष: संजीव अग्रवाल
- लेखा निरीक्षक: विपुल अग्रवाल
- उप लेखा निरीक्षक: अनुज कुमार गर्ग
इन निर्विरोध परिणामों के बाद समिति के कई प्रमुख पद पहले ही सुनिश्चित हो गए हैं।
कनिष्ठ उप-प्रधान पद पर सीधी टक्कर
अब सारी निगाहें कनिष्ठ उप-प्रधान पद पर होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं। इस पद पर संजीव कुमार और महेंद्र कुमार शर्मा आमने-सामने हैं। दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में प्रचार-प्रसार में जुट गए हैं और मतदाताओं को साधने की हर कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस पद पर कड़ा और रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
22 सदस्यीय पदों पर कांटे की जंग
गोशाला समिति की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 22 सदस्यीय पदों पर चुनावी जंग सबसे अहम मानी जा रही है। कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें प्रमुख नाम हैं – अजय कुमार सिंहल, पुरुषोत्तम कुमार गर्ग, महेंद्र कुमार, शरद कुमार गर्ग, विनोद कुमार, दिनेश सिंहल, अतुल कंसल, सचिन गुप्ता, मोहित गुप्ता, अरुण कुमार गर्ग, राजीव वर्मा, अविन गोयल, जगदीश प्रसाद, दीपक कुमार गोयल, विरेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, विरेंद्र कुमार गर्ग, नवीन कुमार गर्ग, संजीव शर्मा, अंकित कुमार शर्मा, मधुर कंसल, याशी बंसल, प्रदीप कुमार गोयल, नीरज जैन, ऋतिक गर्ग, मोतीलाल और अंकुर कंसल।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया में तीन उम्मीदवारों ने पर्चे वापस ले लिए, लेकिन इसके बावजूद मुकाबला रोमांचक बना हुआ है। सदस्य पदों पर वोटिंग से ही तय होगा कि किसे समिति में जगह मिलेगी और कौन बाहर रह जाएगा।
14 सितंबर को तय होगी तस्वीर
अब पूरे जिले की निगाहें 14 सितंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। चुनाव परिणामों से यह तय होगा कि गोशाला समिति की कमान किन हाथों में जाएगी और आने वाले कार्यकाल में समिति किस दिशा में काम करेगी।