पीएंडजी शिक्षा के दो दशक: पी एंड जी शिक्षा ने “ट्वेंटी टेल्स ऑफ ट्रायम्फ” का किया अनावरण और बच्चो में लर्निंग गैप को मिटाने के लिए

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दिल्ली : पीएंडजी इंडिया का प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम ‘पीएंडजी शिक्षा’ इस वर्ष एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और एक प्रमुख उपलब्धि का उत्सव मना रहा है – शिक्षा के माध्यम से बच्चो के जीवन में बदलाव के 20 वर्ष। पिछले दो दशकों में, यह कार्यक्रम देश भर में वंचित समुदायों में शिक्षा की पहुंच और शिक्षा में सुधार लाकर 50 लाख से अधिक बच्चों के जीवन पर सकारात्मक रुप से प्रभावित कर रहा हैं। इस यात्रा को यादगार बनाने के लिए, पीएंडजी ने “20 टेल्स ऑफ ट्रायम्फ” नामक एक विशेष कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया है, जिसमें परिवर्तन और संभावनाओं की प्रेरक कहानियां शामिल हैं – यह इस बात की सशक्त याद दिलाती है कि कि जब हर बच्चे को उभरने का अवसर मिलता है, तो शिक्षा कैसे बदलाव ला सकती है। मौजूद कार्यक्रमों के साथ-साथ, पीएंडजी शिक्षा ने लर्निंग गैप्स पर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने का भी कार्य किया है। इस वर्ष का अभियान। केवल 28 प्रतिशत बालिग़ ही लर्निंग गैप्स को पूरी तरह समझते हैं, इसलिए समय पर सहायता का अभाव रहता है। यह अभियान हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है, यह दिखाते हुए कि सही सहारा और माता-पिता, शिक्षकों और साथियों से मिले प्रोत्साहन से बच्चे इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं। जैसा कि बिकास की यात्रा दिखाती है, जब वह सफल होता है, तो पूरा समुदाय उत्सव मनाता है, यह दर्शाता है कि हर बच्चे की जीत, हम सभी की जीत है। दिल्ली में, दो दशकों से पीएंडजी शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में मौजूद महत्वपूर्ण बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। यह कार्यक्रम 2005 में शुरू हुआ था, उस समय जब कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) से जुड़े कानून भी अस्तित्व में नहीं आए थे। ज़मीनी स्तर पर आवश्यकताओं का मूल्यांकन करते हुए, इस कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के बुनियादी ढांचे के निर्माण से हुई। सामाजिक-आर्थिक प्रगति के साथ, यह कार्यक्रम एक 360-डिग्री समग्र पहल के रूप में विकसित हुआ, जो शैक्षिक ढांचे को सुदृढ़ करने, सीखने के परिणामों में सुधार लाने और वंचित समुदायों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त करने पर केंद्रित है। पीएंडजी शिक्षा अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस साल का अभियान परिवारों और समुदायों से लर्निंग गैप्स को जल्दी पहचानने और उन्हें दूर करने की अपील करता है, ताकि हर बच्चे को सफलता का उचित अवसर मिले।”
इस अवसर पर अभिनेत्री और लेखिका सोहा अली खान ने कहा, “मैं कई वर्षों से पीएंडजी शिक्षा से जुड़ी रही हूं और यह देखकर बेहद गर्व होता है कि पिछले 20 वर्षों में इसने एजुकेशन पर इतना गहरा प्रभाव किया है।पीएंडजी शिक्षा शुरू से ही जटिल लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे लर्निंग गैप्स पर काम कर रहा है। समर्थन का एक सरल इशारा – एक शिक्षक का आश्वासन या एक सहपाठी का प्रोत्साहन शिक्षा पर एकनिष्ठ रूप से केंद्रित रहकर ‘शिक्षा’ कार्यक्रम ने गहरा और स्थायी प्रभाव उत्पन्न किया है। पिछले 20 वर्षों में, पीएंडजी शिक्षा ने देशभर में हजारों स्कूलों और समुदायों का समर्थन किया है, जिससे वंचित क्षेत्रों के 50 लाख से अधिक बच्चों पर लक्षित शैक्षिक हस्तक्षेपों के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस प्रयास के अंतर्गत, बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार के लिए पीएंडजी शिक्षा रोकथाम और सुधार दोनों पर ध्यान केंद्रित करता है। सुधार के लिए, यह ‘एजुकेशनल इनिशिएटिव्स’ के साथ साझेदारी में ‘माइंडस्पार्क’ नामक एक कंप्यूटर-आधारित एआई समर्थित अनुकूली लर्निंग टूल का उपयोग करता है। कार्यक्रम ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ के साथ साझेदारी में जमीनी स्तर पर सुधारात्मक शिक्षण हस्तक्षेपों को भी लागू करता है, जो प्रशिक्षित स्वयंसेवकों और शिक्षकों द्वारा समर्थित सामुदायिक-आधारित और स्कूल-आधारित मॉडल के माध्यम से संचालित होते हैं। रोकथाम के लिए, पीएंडजी शिक्षा ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ के माध्यम से प्रारंभिक बाल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें बच्चों में मोटर, संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक, भाषा और रचनात्मक कौशल विकसित किए जाते हैं ताकि शिक्षा में अंतराल की रोकथाम हो सके और स्कूल में प्रवेश करते समय उनके लिए एक मजबूत नींव तैयार हो। पीएंडजी शिक्षा, ‘राउंड टेबल इंडिया’ के साथ मिलकर, सीखने के लिए अनुकूल वातावरण को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

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